Breaking News
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी
गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, 24 घंटे में विवादित पोस्ट हटाने के निर्देश
गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, 24 घंटे में विवादित पोस्ट हटाने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने शहीद स्मारक पर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने शहीद स्मारक पर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि
रफ लुक, जबरदस्त एक्शन और अंग्रेजों से टक्कर… ‘रणबाली’ का दमदार टीजर हुआ रिलीज़
रफ लुक, जबरदस्त एक्शन और अंग्रेजों से टक्कर… ‘रणबाली’ का दमदार टीजर हुआ रिलीज़
धामी सरकार की पहल से जरूरतमंद बच्चों के लिए संवर रहा सुरक्षित आशियाना
धामी सरकार की पहल से जरूरतमंद बच्चों के लिए संवर रहा सुरक्षित आशियाना
मुख्यमंत्री धामी ने महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री धामी ने महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना
महिला एशिया कप 2026-  भारत और बांग्लादेश के बीच पहला सेमीफाइनल मुकाबला आज
महिला एशिया कप 2026- भारत और बांग्लादेश के बीच पहला सेमीफाइनल मुकाबला आज

शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार- सुप्रीम कोर्ट

शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार- सुप्रीम कोर्ट

नीट विरोध प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में हो रहे छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और केवल विरोध प्रदर्शन के आधार पर बल प्रयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता। मामले की विस्तृत सुनवाई मंगलवार को होगी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा विवादों को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी प्रदर्शन के दौरान केवल भीड़ जुटने या विरोध होने के कारण पुलिस द्वारा लाठीचार्ज या अत्यधिक बल प्रयोग को सामान्य नहीं माना जा सकता।

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी दोनों की सुरक्षा समान रूप से महत्वपूर्ण है। किसी भी पक्ष के साथ हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए एक समान दिशा-निर्देश तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अदालत ने कहा कि प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान तय किए जाएं और यदि किसी प्रदर्शन में असामाजिक तत्व शामिल हो जाएं, तो उनके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाए, लेकिन इसका असर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि लोकतंत्र अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों और अनुशासन की भी मांग करता है। उन्होंने सभी पक्षों से निष्पक्ष ढंग से अदालत की सहायता करने की अपील की। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार मामले में निष्पक्ष सहयोग करेगी।

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में 20 जुलाई को निकाले गए एक विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। छात्रों का आरोप है कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसी घटना को लेकर दायर याचिकाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को विस्तृत सुनवाई करेगा।

Back To Top