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बिना दवाइयों के पाना चाहते हैं कमर दर्द से राहत, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय

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आज के डिजिटल युग में घंटों एक ही मुद्रा में बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और गलत लाइफस्टाइल ने कमर दर्द को आम लेकिन गंभीर समस्या बना दिया है। पहले यह परेशानी बढ़ती उम्र से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन अब युवा वर्ग भी इसकी चपेट में तेजी से आ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार गलत बैठने की आदत, अचानक भारी वजन उठाना और नियमित व्यायाम न करना रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे मांसपेशियों में सूजन और तेज दर्द शुरू हो जाता है।

चिकित्सकीय भाषा में इसे मस्कुलोस्केलेटल पेन कहा जाता है। यदि समय रहते इसका समाधान न किया जाए तो यह दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है और व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि शुरुआती अवस्था में कमर दर्द को घरेलू और प्राकृतिक तरीकों से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सही देखभाल, हल्का व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव से बिना दवाओं के भी दर्द से राहत मिल सकती है।

गर्म और ठंडी सिकाई से मिलेगी राहत

कमर दर्द में सिकाई को सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। यदि दर्द किसी ताजा चोट या खिंचाव के कारण हुआ है, तो पहले 48 से 72 घंटे तक ठंडी सिकाई करना फायदेमंद होता है। बर्फ की सिकाई सूजन को कम करने में मदद करती है। इसके बाद गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड का उपयोग मांसपेशियों की जकड़न को खोलता है। गर्म सिकाई से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे दर्द में कमी आती है।

पूरी तरह आराम नहीं, हल्की सक्रियता जरूरी

दर्द होने पर अक्सर लोग पूरी तरह बिस्तर पर आराम करने लगते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे गलत मानते हैं। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से मांसपेशियां और कमजोर हो सकती हैं। इसके बजाय हल्की सैर, स्ट्रेचिंग या तैराकी को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। योग में भुजंगासन और मर्कटासन जैसे आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं और दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। हल्की शारीरिक गतिविधि से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द को कम करता है।

मालिश से मांसपेशियों को मिले आराम

कमर दर्द में सही तेल से हल्की मालिश भी काफी लाभकारी मानी जाती है। सरसों के तेल में लहसुन की कलियां डालकर गर्म किया गया तेल पारंपरिक रूप से असरदार माना जाता है। तिल के तेल से की गई मालिश भी मांसपेशियों के तनाव को कम करती है। ध्यान रहे कि मालिश हमेशा हल्के हाथों से करें और रीढ़ की हड्डी पर सीधा दबाव न डालें।

पोस्चर सुधारना है सबसे जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार कमर दर्द से स्थायी राहत तभी संभव है, जब व्यक्ति अपनी बैठने और उठने की आदतों में सुधार करे। काम करते समय पीठ सीधी रखें, पैरों को जमीन पर टिकाकर बैठें और बहुत नरम गद्दे से बचें। भारी सामान उठाते समय कमर झुकाने के बजाय घुटनों को मोड़ें। छोटे-छोटे बदलाव भविष्य में गंभीर रीढ़ संबंधी समस्याओं से बचा सकते हैं।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी गंभीर या लंबे समय तक बने रहने वाले दर्द की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

(साभार)

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