Breaking News
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका,16 अगस्त को होगी संयुक्त बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका,16 अगस्त को होगी संयुक्त बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंसः हर युवा का भविष्य बचाना हमारी प्राथमिकता- डीएम
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंसः हर युवा का भविष्य बचाना हमारी प्राथमिकता- डीएम
उत्तराखंड पुलिस के निलंबित सिपाही शेर सिंह के तथाकथित “इस्तीफे” को लेकर उठे सवाल
उत्तराखंड पुलिस के निलंबित सिपाही शेर सिंह के तथाकथित “इस्तीफे” को लेकर उठे सवाल

गलत लाइफस्टाइल बढ़ा रही फैटी लिवर की समस्या, सही डाइट से संभव है बचाव

गलत लाइफस्टाइल बढ़ा रही फैटी लिवर की समस्या, सही डाइट से संभव है बचाव

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में अनियमित खान-पान, बढ़ता मोटापा, शराब का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। इन्हीं कारणों से फैटी लिवर डिज़ीज़ के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआती दौर में यह बीमारी बिना किसी खास लक्षण के रहती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर आगे चलकर लिवर में सूजन, डैमेज और सिरोसिस जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर फैटी लिवर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

क्या है फैटी लिवर?

जब लिवर में सामान्य से अधिक चर्बी जमा होने लगती है, तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। यह समस्या दो प्रकार की होती है—

अल्कोहलिक फैटी लिवर, जो अधिक शराब के सेवन से होता है।

नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर, जो मोटापा, डायबिटीज़ और गलत खान-पान से जुड़ा होता है।

डाइट के साथ बदलें ये आदतें

फैटी लिवर से बचाव के लिए खान-पान के साथ-साथ दिनचर्या में सुधार बेहद जरूरी है।

रोज़ कम से कम 30 मिनट टहलना या योग करना

वजन को धीरे-धीरे कम करना

रात का भोजन हल्का रखना

7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद

समय-समय पर हेल्थ चेकअप

फैटी लिवर में क्या खाएं?

हरी सब्जियां:
पालक, ब्रोकली, लौकी और तोरी जैसी सब्जियां लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करती हैं। इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।

फल (सीमित मात्रा में):
सेब, पपीता, नाशपाती और बेरीज एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, लेकिन शुगर की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

साबुत अनाज:
ओट्स, ब्राउन राइस और जौ वजन नियंत्रित करने में मदद करते हैं और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करते हैं।

प्रोटीन युक्त आहार:
दालें, चना, राजमा, अंडे का सफेद भाग और लो-फैट पनीर लिवर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

हेल्दी फैट:
अखरोट, अलसी के बीज और जैतून का तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो लिवर की सेहत सुधारने में सहायक हैं।

ग्रीन टी और हल्दी:
ग्रीन टी फैट बर्न करने में मदद करती है, जबकि हल्दी लिवर की सूजन कम करने में कारगर मानी जाती है।

किन चीज़ों से करें परहेज?

शराब: फैटी लिवर की सबसे बड़ी वजह, जो लिवर डैमेज को तेजी से बढ़ाती है।

तला-भुना और जंक फूड: समोसा, पिज़्ज़ा और बर्गर में मौजूद ट्रांस फैट लिवर को नुकसान पहुंचाता है।

ज्यादा मीठा: मिठाइयां, केक और कोल्ड ड्रिंक में मौजूद शुगर सीधे लिवर फैट में बदलती है।

मैदा और रिफाइंड कार्ब्स: सफेद ब्रेड और बिस्किट वजन और फैटी लिवर दोनों बढ़ाते हैं।

प्रोसेस्ड फूड: पैकेट वाले स्नैक्स में अधिक नमक और केमिकल्स लिवर के लिए हानिकारक होते हैं।

निष्कर्ष

विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। समय रहते खान-पान और जीवनशैली में बदलाव कर लिवर को फिर से स्वस्थ बनाया जा सकता है। सेहतमंद लिवर ही पूरे शरीर की सेहत की बुनियाद है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।

(साभार)

Back To Top