Breaking News
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
एआई तकनीक से बनी फिल्म ‘द्रोणाचार्य’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
एआई तकनीक से बनी फिल्म ‘द्रोणाचार्य’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

नई शिक्षा नीति-2020- छात्रों को मिलेगा अपनी पसंद का विषय चुनने का अधिकार

नई शिक्षा नीति-2020- छात्रों को मिलेगा अपनी पसंद का विषय चुनने का अधिकार

मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम से पढ़ाई होगी और भी लचीली

देहरादून। प्रदेश में छात्रों को अब अपनी पसंद के विषय चुनने और पढ़ाई में नए अवसरों का लाभ लेने का मौका मिलेगा। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू होगा, जिससे विद्यार्थी अपनी सुविधा और रुचि के अनुसार पढ़ाई जारी रख सकेंगे। सचिवालय स्थित सभागार में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

डॉ. रावत ने कहा कि एनईपी-2020 का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और भारतीय परंपरागत शिक्षा का संतुलन उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में ईवी तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिसिस, उभरती तकनीकें और उद्यमिता जैसे नए पाठ्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित विषयों जैसे ज्योतिष विज्ञान, योग, आयुष, वास्तु, कृषि और वानिकी को भी पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, कौशल विकास, बहुविषयक विकल्प, डिजिटल इनिशिएटिव, अकादमिक शोध, ओपन डिस्टेंस लर्निंग और एकेडमिया-इंडस्ट्री सहयोग जैसे विषयों पर भी विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

Back To Top