Breaking News
SDRF उत्तराखण्ड को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र, यह उपलब्धि हासिल करने वाला बना देश का पहला आपदा प्रतिवादन बल
SDRF उत्तराखण्ड को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र, यह उपलब्धि हासिल करने वाला बना देश का पहला आपदा प्रतिवादन बल
अपर निदेशक ने किया श्रीनगर पशु चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण, टीकाकरण एवं विभागीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश
अपर निदेशक ने किया श्रीनगर पशु चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण, टीकाकरण एवं विभागीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश
खेल प्रतिभा, जुनून, उमंग और प्रतिस्पर्धा का संगम बना पौड़ी, 24वीं विद्यालयी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का शानदार आगाज
खेल प्रतिभा, जुनून, उमंग और प्रतिस्पर्धा का संगम बना पौड़ी, 24वीं विद्यालयी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का शानदार आगाज
दिव्यांगजनों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के लिए स्वीप टीम ने चलाया जागरूकता अभियान
दिव्यांगजनों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के लिए स्वीप टीम ने चलाया जागरूकता अभियान
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत पड़ सकती है भारी, कानों में दर्द से लेकर सुनने की क्षमता तक पर असर
ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत पड़ सकती है भारी, कानों में दर्द से लेकर सुनने की क्षमता तक पर असर
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
राजधानी में डेंगू का प्रकोप तेज: अक्तूबर के पहले 17 दिनों में मिले 304 मरीज
राजधानी में डेंगू का प्रकोप तेज: अक्तूबर के पहले 17 दिनों में मिले 304 मरीज

एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई– शिमला बाईपास रोड पर अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई– शिमला बाईपास रोड पर अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

प्राधिकरण शहर में बिना स्वीकृति के हो रहे किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा- बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा शहर में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जारी है। प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत शिमला बाईपास रोड के विभिन्न स्थानों पर किये गये अवैध आवासीय निर्माणों और प्लाॅटिंग पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर संपन्न हुई। एमडीडीए की टीम ने बाला जी इन्क्लेव, शिमला बाईपास रोड में अवैध निर्माण और भूखंड विभाजन (प्लाॅटिंग) के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कई जगहों पर बुलडोज़र चलाया और सीलिंग की कार्रवाई की।

महेश उपाध्याय, सतीश एवं अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इखलाक एवं अन्य द्वारा निर्मित अवैध आवासीय भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। शैकीन द्वारा किए गए अवैध आवासीय निर्माण को भी सील किया गया। कार्यवाही के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता जितेन्द्र कुमार एवं सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।

अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा एमडीडीए-बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण शहर में बिना स्वीकृति के हो रहे किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा। विकास मानकों और भवन उपविधियों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनहित में है और इसका उद्देश्य शहर के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करना है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि एमडीडीए पारदर्शी शासन व्यवस्था के अंतर्गत कार्य कर रहा है और किसी भी शिकायत पर त्वरित जांच व आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पूर्व प्राधिकरण से स्वीकृति प्राप्त करें, अन्यथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई तय है।

बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य प्रारंभ न करें-मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध कॉलोनी या अनधिकृत निर्माण कार्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने बिना स्वीकृति के प्लॉटिंग या भवन निर्माण किया है, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून को एक सुनियोजित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। इस दिशा में निरंतर निगरानी और कार्रवाई जारी है। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य प्रारंभ न करें। ऐसा करने पर प्राधिकरण को भवन सील करने और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

Back To Top