Breaking News
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत
मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून की बड़ी छलांग, 37वें से 12वें स्थान पर पहुंची राजधानी
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून की बड़ी छलांग, 37वें से 12वें स्थान पर पहुंची राजधानी
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य  प्रगति की जिलाधिकारी ने की  समीक्षा, 29,929 मतदाता जांच में पाए गए अपात्र
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य प्रगति की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 29,929 मतदाता जांच में पाए गए अपात्र
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज

आरक्षण गड़बड़ी पर हाईकोर्ट सख्त, शासन को दिया अंतिम मौका, कल होगी सुनवाई

आरक्षण गड़बड़ी पर हाईकोर्ट सख्त, शासन को दिया अंतिम मौका, कल होगी सुनवाई

गुरुवार को सरकार को दस्तावेजों के साथ कोर्ट में पेश होना जरूरी

पंचायतीराज अधिनियम की धारा 126 के उल्लंघन पर कोर्ट ने जताई चिंता

नैनीताल। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति अब भी बनी हुई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चुनाव को टालने की उसकी कोई मंशा नहीं है, लेकिन इससे पहले सरकार को पंचायत चुनाव से जुड़ी आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दुरुस्त करना होगा।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने पंचायत चुनाव में आरक्षण व्यवस्था को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने सरकार से गुरुवार को सभी संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही पंचायत वार आरक्षण के नक्शे और नियमावली में हुए संशोधनों का स्पष्टीकरण भी मांगा है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि बागेश्वर जिले में रोस्टर प्रणाली के उल्लंघन से जुड़ी याचिका ने अन्य गंभीर त्रुटियों को भी उजागर किया है। न्यायालय ने संकेत दिया कि यदि किसी क्षेत्र में आरक्षण प्रक्रिया में गंभीर गलती हुई है, तो वह पूरे चुनाव को प्रभावित कर सकती है।

वहीं, राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने चुनाव पर रोक हटाने की अपील करते हुए प्रशासनिक तैयारी और संसाधनों के व्यय का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने तथ्यों के साथ प्रस्तुत होने को कहा।

फिलहाल, हाईकोर्ट की सख्ती ने राज्य सरकार को एक और अवसर दिया है कि वह गुरुवार को आवश्यक दस्तावेजों के साथ अदालत को संतुष्ट करे। यदि सरकार ऐसा करने में सफल होती है, तो पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है — अन्यथा शासन और नौकरशाही को कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि पंचायत राज अधिनियम की धारा 126 के अनुसार आरक्षण और सीटों के आबंटन के लिए स्पष्ट नियमावली बनाकर उसे अधिसूचित किया जाना था, लेकिन सरकार ने इसकी जगह केवल शासनादेश जारी कर प्रक्रिया पूरी मान ली — जिसे कोर्ट ने सवालों के घेरे में बताया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top