Breaking News
ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल
ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल
नफरत फैलाने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देवभूमि का माहौल खराब न करें- गणेश गोदियाल
नफरत फैलाने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देवभूमि का माहौल खराब न करें- गणेश गोदियाल
भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर किया याद
भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर किया याद
पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित
पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित
पौड़ी में गूंजा गोविंद वल्लभ पंत के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का संदेश
पौड़ी में गूंजा गोविंद वल्लभ पंत के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का संदेश
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें
ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना, दागी कई मिसाइलें
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी
गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, 24 घंटे में विवादित पोस्ट हटाने के निर्देश
गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, 24 घंटे में विवादित पोस्ट हटाने के निर्देश

गले की सूजन को न करें नजरअंदाज, थायराइड का हो सकता है पहला संकेत

गले की सूजन को न करें नजरअंदाज, थायराइड का हो सकता है पहला संकेत

Thyroid Awareness-  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थायराइड एक ऐसी बीमारी बन चुकी है, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है। गले के निचले हिस्से में मौजूद यह छोटी-सी ग्रंथि शरीर की ऊर्जा, वजन, तापमान और दिल की धड़कन को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है। अक्सर लोग गले में हल्का भारीपन या सूजन को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही थायराइड असंतुलन का पहला संकेत हो सकता है।

थायराइड ग्रंथि जब जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है तो उसे हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है, वहीं हार्मोन की कमी की स्थिति हाइपोथायरायडिज्म कहलाती है। दोनों ही हालात शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं। समय रहते इलाज न होने पर यह समस्या हृदय, मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता तक पर असर डाल सकती है।

थायराइड से जुड़ा सबसे आम बदलाव वजन में दिखाई देता है। बिना अधिक खाने के वजन बढ़ना हार्मोन की कमी की ओर इशारा करता है, जबकि अचानक वजन कम होना हार्मोन की अधिकता का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही दिनभर थकान महसूस होना, सुस्ती और काम में मन न लगना भी इस बीमारी के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं।

यह ग्रंथि शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है, इसलिए थायराइड बिगड़ने पर किसी को अत्यधिक ठंड लगने लगती है, तो किसी को हल्की गर्मी में भी पसीना आने लगता है। त्वचा का रूखा होना, बालों का तेजी से झड़ना और नाखूनों का कमजोर होना भी इसके आम संकेतों में शामिल है।

थायराइड हार्मोन का सीधा असर दिल और दिमाग पर भी पड़ता है। धड़कन का तेज या धीमा होना, घबराहट, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी और याददाश्त कमजोर होना इसकी पहचान हो सकती है। महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना भी अक्सर थायराइड असंतुलन से जुड़ा पाया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर गले में सूजन महसूस हो या एक साथ कई लक्षण नजर आएं, तो ब्लड टेस्ट कराना जरूरी है। संतुलित आहार, आयोडीन की पर्याप्त मात्रा और तनाव से दूरी थायराइड को नियंत्रित रखने में मदद करती है। सही समय पर जांच और नियमित इलाज से थायराइड को पूरी तरह कंट्रोल में रखा जा सकता है।

Back To Top