Breaking News
इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, पांच लोगों की मौत
इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, पांच लोगों की मौत
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
आलिया भट्ट की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ का पोस्टर जारी, रिलीज डेट का भी हुआ एलान
आलिया भट्ट की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ का पोस्टर जारी, रिलीज डेट का भी हुआ एलान
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम
विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले सीएम धामी
विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले सीएम धामी
गृहमंत्री के दौरे से पहले डीएम सविन बंसल ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
गृहमंत्री के दौरे से पहले डीएम सविन बंसल ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज

धुंधली नजर को न करें नजरअंदाज, गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत

धुंधली नजर को न करें नजरअंदाज, गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत

आंखों से धुंधला दिखना अक्सर लोग थकान, मोबाइल स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल या उम्र बढ़ने का सामान्य असर मानकर टाल देते हैं। कई लोग सीधे चश्मा लगवाने को ही इसका समाधान समझ लेते हैं। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अचानक या लगातार धुंधला दिखना सिर्फ आंखों की कमजोरी नहीं, बल्कि शरीर में छिपी किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि आंखें सीधे तौर पर मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी होती हैं। ऐसे में शरीर के अंदर चल रही कई बीमारियों का असर सबसे पहले आंखों की रोशनी पर दिखाई देता है। खासकर जब बिना किसी स्पष्ट कारण के नजर कमजोर होने लगे, तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है।

डायबिटीज से जुड़ी आंखों की बीमारियां

विशेषज्ञों के अनुसार, धुंधली नजर का एक बड़ा कारण अनियंत्रित डायबिटीज हो सकती है। खून में शुगर का स्तर बढ़ने पर आंखों के लेंस में सूजन आ जाती है, जिससे दिखाई देना धुंधला हो जाता है। लंबे समय तक शुगर कंट्रोल में न रहने पर डायबिटिक रेटिनोपैथी की आशंका बढ़ जाती है। इस स्थिति में रेटिना की बारीक रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जो आगे चलकर स्थायी अंधेपन का कारण बन सकती हैं।

हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का खतरा

हाई ब्लड प्रेशर का असर भी आंखों की नसों पर पड़ता है। डॉक्टर बताते हैं कि अचानक नजर का कम होना, एक आंख से दिखाई न देना या दोहरी छवि दिखना स्ट्रोक का लक्षण हो सकता है। मस्तिष्क के जिस हिस्से से दृष्टि नियंत्रित होती है, वहां रक्त प्रवाह बाधित होने पर यह समस्या सामने आती है। ऐसी स्थिति को मेडिकल इमरजेंसी मानते हुए तुरंत इलाज जरूरी है।

ब्रेन ट्यूमर और तंत्रिका तंत्र की समस्याएं

मस्तिष्क में ट्यूमर या किसी असामान्य वृद्धि के कारण भी आंखों की नसों पर दबाव बन सकता है। इसके चलते धुंधली नजर के साथ तेज सिरदर्द, उलझन, चक्कर आना या उल्टी जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इसके अलावा मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी दृष्टि को प्रभावित कर सकती हैं। समय रहते इलाज न मिलने पर नुकसान स्थायी हो सकता है।

डॉक्टरों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दृष्टि में किसी भी तरह का अचानक बदलाव गंभीरता से लिया जाना चाहिए। नियमित रूप से आंखों की जांच कराने के साथ-साथ ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की भी निगरानी जरूरी है। संतुलित आहार, विटामिन-ए और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर भोजन आंखों की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। अगर धुंधली नजर के साथ आंखों में दर्द, जलन या लालिमा हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

नोट: यह रिपोर्ट विभिन्न मेडिकल रिसर्च और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।

(साभार)

Back To Top