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जिलाधिकारी ने नारी निकेतन का किया औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी ने नारी निकेतन का किया औचक निरीक्षण

व्यवस्थाओं की समीक्षा, महिलाओं-बालिकाओं को गर्म कपड़े व मिठाई की वितरित; सुरक्षा, स्वास्थ्य और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने केदारपुरम अवस्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सबसे पहले परिसर का भ्रमण किया और यहां पर आवास, सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, साफ, सफाई एवं शौचालय संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निकेतन में निवासरत महिलाओं, बालिकाओं एवं अधिकारियों से यहां की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संस्थान में निवासरत महिलाओं, बालक एवं बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिल सके, इसके लिए अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने बढ़ती ठंड को देखते हुए निकेतन की महिलाओं, बालिकाओं और शिशुओं को स्वायटर, टोपी इत्यादि गर्म कपडे प्रदान करते हुए मिठाई बांटी। केदारपुरम स्थित निकेतन में 173 बेसहारा, परित्यक्त व शोषित महिलाएं निवासरत है। वहीं बालिका निकेतन में 19 और बाल गृह व शिशु सदन 23 बच्चे रह रहे है। जिन्हें सामाजिक सुरक्षा, आश्रय और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन हमारे बहुत महत्वपूर्ण संस्थान है। यहां पर बेसहारा, परित्यक्त, शोषित व खास वर्ग के महिलाएं व बच्चे रहते है, जिनको मुख्यधारा मे लाने के लिए अतिरिक्त देखभाल और सलाह की आवश्यकता रहती है। ये लोग किसी न किसी सदमे से प्रभावित हुए है। एक्सपर्ट की मदद से इनको सदमे से बाहर लाते हुए इनके व्यवहार में परिवर्तन कर मुख्यधारा में लाया जा रहा है। निकेतन में इन्फ्रास्ट्रेक्चर, सीवर लाइन, डोरमेट्री से लेकर जो भी आवश्यकताएं है, उसको जिला प्लान और खनन न्यास से पूरा किया जा रहा है। निकेतन की महिलाओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच से लेकर संतुलित डाइट भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में निवासरत बेसहारा एवं शोषित महिलाओं व बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले निरीक्षण के दौरान निकेतन में डोर मैट्री भवन स्वीकृत किया गया था, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और अगले दो महीनों के भीतर भवन निकेतन को विधिवत् समर्पित किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि बालिका निकेतन में निवासरत बालिकाओं के सर्वागीण विकास के लिए खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों निर्देश दिए कि बालिका निकेतन परिसर में एक समुचित खेल मैदान का निर्माण किया जाए। कहा कि खेल मैदान का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाए जिसमें खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन और योग गतिविधियां हो सके। वहीं जिलाधिकारी ने ठंड को ध्यान में रखते हुए शिशु निकेतन के सभी कमरों में ऑयल हीटर लगाने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने नारी निकेतन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और सुदृढ़ करने के लिए नारी निकेतन में दो अतिरिक्त होमगार्ड की तैनाती तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नारी निकेतन में दो अतिरिक्त नर्सों की नियुक्ति करने और निकेतन के लिए तैनात डॉक्टर को नियमित रूप से निकेतन का विजिट सुनिश्चित कराने को कहा। ताकि महिलाओं की समय-सयम पर स्वास्थ्य जांच हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में बालिकाओं और शिशुओं के समुचित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण स्थिति की जांच तथा समय-समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि आरबीएसके टीम नियमित अंतराल पर निकेतन पहुंचकर बच्चों का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करे और किसी भी बीमारी या कमी की पहचान कर त्वरित उपचार व आवश्यक रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस दौरान जिलाधिकारी ने नारी निकेतन में महिलाओं व बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए 11 मोबाइल फोन और सिम की मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की।

जिलाधिकारी ने नारी निकेतन परिसर का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माणाधीन अतिरिक्त भवन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं, बालिकाओं एवं शिशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त भवन तैयार होने से नारी निकेतन की क्षमता और सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

नारी निकेतन में काउंसलिंग कक्ष के समक्ष शौचालय व स्नानागार, डायनिंग एरिया के शौचालय सुदृढीकरण, मंदिर के चारों ओर ग्रिल कार्य, जिम और प्रयोगात्मक क्षेत्र का समतलीकरण, छत मरम्मत, अलमीरा, रसोई के पीछे फर्स, लॉडरी रूम व नए भवन के पीछे फैसिंग, आलम्बन भवन के मुख्य द्वार का अनुरक्षण, डबल बैटर इनवर्टर लगाने को काम किया जा रहा है। वहीं बालिका निकेतन में अधीक्षक का कार्यालय, स्टोर कक्ष, आंगन, आधुनिक किचन, खिडकियों पर सरिया, गेट, लोहे के दरवाजे, डबल बैटरी इन्वर्टर, समर सेविल हेतु विद्युत संयोजन, भण्डारण कक्ष, छत व फर्स मरम्मत, टिन शेड का काम चल रहा है। शिशु व बाल गृह में कक्ष का पार्टीशन, शौचालय, स्टोर रूम, पार्क के तीनों तरफ सीढियां, तीनों संस्थान को जोड़ने का रास्ता, पार्किंग, फैंसिंग, परिसर में स्थायी मंच निर्माण सहित बच्चों के लिए 20 रजाई, 10 लोहे के बैड, 10 डबल गद्दे आदि काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को संचालित सभी कार्याे को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद, एसीएमओ डा वंदना सेमवाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति नमिता ममगाई आदि सहित ग्रामीण निर्माण विभाग व पेयजल के अधिकारी मौजूद थे।

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