Breaking News
उत्तराखंड में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम होगा मजबूत, 112 से जुड़ेंगी सभी हेल्पलाइन
उत्तराखंड में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम होगा मजबूत, 112 से जुड़ेंगी सभी हेल्पलाइन
लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा नदी में स्नान के दौरान युवक डूबा, SDRF का सर्च अभियान जारी
लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा नदी में स्नान के दौरान युवक डूबा, SDRF का सर्च अभियान जारी
हिमाचल का फरार बदमाश पटेलनगर से गिरफ्तार
हिमाचल का फरार बदमाश पटेलनगर से गिरफ्तार
श्रमिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार- मुख्यमंत्री धामी 
श्रमिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार- मुख्यमंत्री धामी 
‘द स्कैम-लीक्ड’ का टीजर जारी, पेपर लीक के दर्द और छात्रों के संघर्ष को दिखाएगी सीरीज
‘द स्कैम-लीक्ड’ का टीजर जारी, पेपर लीक के दर्द और छात्रों के संघर्ष को दिखाएगी सीरीज
मुख्यमंत्री धामी ने स्व. मनोज मनराल को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने स्व. मनोज मनराल को दी श्रद्धांजलि
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत

आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट

आपकी हर जानकारी पर साइबर ठगों की नजर, बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामले, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट

बैंक खाते से लेकर बीमा पॉलिसी तक, डेटा के दम पर हो रही ठगी

रुड़की। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सरकारी विभागों, बैंकों, बीमा कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग कर ठग आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा लीक और साइबर सेंधमारी की घटनाएं बढ़ने से लोगों की निजी जानकारी अपराधियों तक पहुंच रही है, जिसका फायदा उठाकर वे भरोसा जीतने और ठगी को अंजाम देने में सफल हो रहे हैं।

हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर अपराधियों ने पीड़ितों की निजी और गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल कर उन्हें झांसे में लिया। ठग खुद को बैंक, बीमा कंपनी या सरकारी विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। जब वे पीड़ित की सही जानकारी बताते हैं तो लोग उन्हें असली प्रतिनिधि समझ लेते हैं और ओटीपी, बैंक डिटेल्स या अन्य गोपनीय जानकारी साझा कर बैठते हैं।

मुंडाखेड़ा खुर्द गांव में साइबर ठगों ने बाल विकास विभाग की योजनाओं के लिए आवेदन करने वाले लोगों का डेटा हासिल कर 15 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया। इस मामले में पीड़ितों के खातों से डेढ़ लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली गई।

एक अन्य मामले में नगर के एक व्यापारी को बीमा पॉलिसी की जानकारी का हवाला देकर ठगों ने किस्त जमा कराने के नाम पर 25 हजार रुपये से अधिक की ठगी कर ली। वहीं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले एक ग्राहक को ऑर्डर रद्द कराने का झांसा देकर उसके क्रेडिट कार्ड से 1.13 लाख रुपये निकाल लिए गए।

खेड़ी गांव के एक ग्रामीण के साथ भी इसी तरह की वारदात हुई। खुद को बैंक कर्मचारी बताने वाले साइबर ठग ने खाते से जुड़ी जानकारी हासिल कर 1.72 लाख रुपये की रकम उड़ा दी।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी डेटा हासिल करने के लिए हैकिंग, फर्जी लिंक, मैलवेयर और अंदरूनी स्रोतों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।

सुरक्षा के लिए बरतें ये सावधानियां

बैंकिंग और बीमा संबंधी कार्य केवल अधिकृत कार्यालय या प्रतिनिधि के माध्यम से कराएं।
किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, सीवीवी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
अनजान लिंक, ईमेल और मोबाइल एप्लिकेशन से दूरी बनाए रखें।
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान केवल विश्वसनीय और सुरक्षित वेबसाइटों का उपयोग करें।
बैंकिंग वेबसाइट का यूआरएल स्वयं टाइप कर लॉगिन करें, किसी लिंक के जरिए नहीं।
किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।

विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

Back To Top