Breaking News
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
विधि-विधान के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद
विधि-विधान के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद

यूसीसी लागू होने के बाद लोगों के उत्तराधिकार से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव आएगा नजर 

यूसीसी लागू होने के बाद लोगों के उत्तराधिकार से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव आएगा नजर 

संतान की मृत्यु होने पर माता-पिता भी उसकी चल-अचल संपत्ति में रहेंगे हिस्सेदार 

देहरादून। समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) होने के बाद आम लोगों के उत्तराधिकार से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव नजर आएगा। संतान की मृत्यु होने पर माता-पिता भी उसकी चल-अचल संपत्ति में हिस्सेदार रहेंगे, वरना अभी जो उत्तराधिकार कानून है, उसके तहत पति की मृत्यु के बाद बैंक-बैलेंस, संपत्ति आदि पत्नी को ही मिलती है। इससे माता-पिता बेसहारा रह जाते हैं। यह विसंगति यूसीसी आने पर समाप्त हो जाएगी।

यूसीसी की नियमावली का ड्राफ्ट शुक्रवार को अंग्रेजी भाषा में सरकार को सौंपा गया है, जिसे अनुवाद कराने के साथ विधि और न्याय विभाग के समक्ष तकनीकी समीक्षा के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद सरकार मंत्रिमंडल की बैठक कर उसे प्रभावी तौर पर लागू करने की तैयारियों और तिथि की घोषणा कर सकती है।
पति-पत्नी को विवाह का पंजीकरण कराने के लिए छह माह का समय

यह ड्राफ्ट दो वॉल्यूम और चार हिस्सों में है। एक वॉल्यूम में 200 और दूसरे में 410 पन्ने हैं। इनमें विवाह और विवाह विच्छेद, लिव इन रिलेशनशिप, जन्म और मृत्यु पंजीकरण तथा उत्तराधिकार संबंधी नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाओं को तय किया गया है।

यह नियमावली ही स्पष्ट करेगी कि यदि विवाह, विवाह विच्छेद, लिव इन रिलेशनशिप, जन्म-मृत्यु का पंजीकरण नहीं करवाया तो क्या कार्रवाई हो सकती है। उसकी प्रक्रिया कैसी होगी। कितनी सजा हो सकती है। इन्हीं नियमों के तहत यूसीसी लागू होने के बाद उन सभी पति-पत्नी को विवाह का पंजीकरण कराने के लिए छह माह का समय दिया जाएगा, जिन्होंने कानून लागू होने से पहले शादी की।

छह महीने बीतने के बाद उन जोड़ों को तीन महीने का समय दिया जाएगा, जिन्होंने यूसीसी लागू होने के बाद शादी की। उत्तराधिकार कानून के तहत संतान की संपत्ति में माता-पिता को एक हिस्सा देने जैसे बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top