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न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी
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बदरीनाथ-केदारनाथ समिति से जुड़े 45 अन्य मंदिरों की यात्रा व्यवस्था होगी भव्य – हेमंत द्विवेदी

बदरीनाथ-केदारनाथ समिति से जुड़े 45 अन्य मंदिरों की यात्रा व्यवस्था होगी भव्य – हेमंत द्विवेदी

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सचिव हेमंत द्विवेदी ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि मंदिर समिति से जुड़े 45 अन्य मंदिरों की यात्रा व्यवस्था को और अधिक भव्य और सुविधाजनक बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना और देवस्थलों की गरिमा को और ऊंचा उठाना है।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सचिव हेमंत द्विवेदी ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि मंदिर समिति से जुड़े 45 अन्य मंदिरों की यात्रा व्यवस्था को और अधिक भव्य और सुविधाजनक बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना और देवस्थलों की गरिमा को और ऊंचा उठाना है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में सिर्फ मुख्य मंदिरों ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े अन्य ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मंदिरों की भी अहम भूमिका होती है। इन मंदिरों तक यात्रियों की सुगम पहुंच, साफ-सफाई, जलपान की व्यवस्था, प्रतीक्षा कक्ष, शौचालय, रोशनी, संकेत बोर्ड जैसे मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मंदिर समिति, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे।

महारानी अहिल्याबाई होल्कर को दी श्रद्धांजलि

हेमंत द्विवेदी ने बदरीनाथ धाम स्थित विराट सिंहद्वार के निर्माण में महारानी अहिल्याबाई होल्कर के ऐतिहासिक योगदान को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि महारानी अहिल्याबाई न केवल एक कुशल प्रशासक थीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की महान अग्रदूत भी थीं। उन्होंने देशभर में कई मंदिरों का जीर्णोद्धार और निर्माण कराया, जिनमें बदरीनाथ का विराट सिंहद्वार भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि महारानी के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए समिति उनके नाम पर स्मृति पट्टिका स्थापित करने की योजना पर भी विचार कर रही है, ताकि भावी पीढ़ियाँ उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें।

श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतर अनुभव

मंदिर समिति के इस कदम से न केवल तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान सुविधा और सुरक्षा मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में वृद्धि होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में सिर्फ मुख्य मंदिरों ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े अन्य ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मंदिरों की भी अहम भूमिका होती है। इन मंदिरों तक यात्रियों की सुगम पहुंच, साफ-सफाई, जलपान की व्यवस्था, प्रतीक्षा कक्ष, शौचालय, रोशनी, संकेत बोर्ड जैसे मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मंदिर समिति, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे।

महारानी अहिल्याबाई होल्कर को दी श्रद्धांजलि

हेमंत द्विवेदी ने बदरीनाथ धाम स्थित विराट सिंहद्वार के निर्माण में महारानी अहिल्याबाई होल्कर के ऐतिहासिक योगदान को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि महारानी अहिल्याबाई न केवल एक कुशल प्रशासक थीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की महान अग्रदूत भी थीं। उन्होंने देशभर में कई मंदिरों का जीर्णोद्धार और निर्माण कराया, जिनमें बदरीनाथ का विराट सिंहद्वार भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि महारानी के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए समिति उनके नाम पर स्मृति पट्टिका स्थापित करने की योजना पर भी विचार कर रही है, ताकि भावी पीढ़ियाँ उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें।

श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतर अनुभव

मंदिर समिति के इस कदम से न केवल तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान सुविधा और सुरक्षा मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में वृद्धि होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

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