Breaking News
चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू
चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू
पशुलोक बैराज के निकट टापू पर फंसे युवक को एसडीआरएफ ने किया सकुशल रेस्क्यू
पशुलोक बैराज के निकट टापू पर फंसे युवक को एसडीआरएफ ने किया सकुशल रेस्क्यू
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में बनाई जगह
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में बनाई जगह
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यावसायिक निर्माण सील
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यावसायिक निर्माण सील
आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा
आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा
17 लाख से अधिक मरीजों ने कराया आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार- डाॅ. धन सिंह रावत
17 लाख से अधिक मरीजों ने कराया आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार- डाॅ. धन सिंह रावत
देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था का एसएसपी ने लिया जायजा, प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण
देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था का एसएसपी ने लिया जायजा, प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण
बिना सिम और इंटरनेट के मोबाइल-टीवी पर दिखेंगी फिल्में, ग्राफिक एरा और फ्रीस्ट्रीम के बीच एमओयू
बिना सिम और इंटरनेट के मोबाइल-टीवी पर दिखेंगी फिल्में, ग्राफिक एरा और फ्रीस्ट्रीम के बीच एमओयू
टी20 विश्व कप 2026- दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में आज भारत और इंग्लैंड होगी आमने-सामने
टी20 विश्व कप 2026- दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में आज भारत और इंग्लैंड होगी आमने-सामने

गलत खानपान और मानसिक तनाव बन रहे हाई ब्लड प्रेशर की बड़ी वजह, समय रहते हो जाएं सावधान

गलत खानपान और मानसिक तनाव बन रहे हाई ब्लड प्रेशर की बड़ी वजह, समय रहते हो जाएं सावधान

तेज रफ्तार जिंदगी, बढ़ता तनाव और बिगड़ी दिनचर्या आज लोगों को कई गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रही है। इन्हीं में से एक है हाई ब्लड प्रेशर, जो बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाता रहता है। अधिकांश लोग इसे सामान्य थकान या रोजमर्रा का तनाव मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर केवल उम्र बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारी रोजमर्रा की आदतों का नतीजा है। गलत खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और मानसिक तनाव धीरे-धीरे रक्तचाप को असंतुलित कर देते हैं। लंबे समय तक बढ़ा हुआ बीपी हृदय, मस्तिष्क और किडनी जैसे अहम अंगों पर गंभीर असर डालता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

शुरुआत में नहीं दिखते लक्षण, इसलिए बढ़ता है जोखिम

हाई ब्लड प्रेशर की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके लक्षण शुरुआती दौर में बेहद सामान्य होते हैं या कई बार दिखाई ही नहीं देते। इसी वजह से इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। समय रहते अगर जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या जीवनभर साथ चलने वाली बीमारी बन सकती है।

ज्यादा नमक और जंक फूड बन रहे दुश्मन

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक नमक का सेवन बीपी बढ़ने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। सोडियम की ज्यादा मात्रा शरीर में पानी को रोकती है, जिससे रक्त की मात्रा बढ़ जाती है और धमनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जंक फूड, पैकेट वाले स्नैक्स और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में नमक छिपे रूप में बहुत ज्यादा होता है। डॉक्टरों की सलाह है कि रोजाना नमक की मात्रा सीमित रखनी चाहिए।

शारीरिक गतिविधि की कमी से बिगड़ता संतुलन

आज की व्यस्त जीवनशैली में घंटों बैठकर काम करना आम हो गया है। शारीरिक गतिविधि की कमी से वजन तेजी से बढ़ता है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। खासतौर पर पेट के आसपास जमा चर्बी हाई बीपी को बढ़ावा देती है। रोजाना हल्की एक्सरसाइज, तेज चाल से चलना या योग करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है।

तनाव और नींद की कमी भी बड़ा कारण

लगातार तनाव में रहना और पूरी नींद न लेना भी हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है। तनाव के कारण शरीर में ऐसे हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं जो दिल की धड़कन और रक्तचाप को तेज कर देते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि 7 से 8 घंटे की गहरी नींद और ध्यान-प्राणायाम जैसे उपाय तनाव को कम करने में सहायक होते हैं।

नियमित जांच और सतर्कता ही बचाव का रास्ता

हाई ब्लड प्रेशर से बचने का सबसे कारगर तरीका है समय पर जांच और अनुशासित जीवनशैली। नियमित रूप से बीपी चेक कराना, संतुलित आहार लेना और नशे से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। पोटेशियम से भरपूर फल और हरी सब्जियां ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज बरती गई थोड़ी सी सावधानी भविष्य की बड़ी स्वास्थ्य समस्या से बचा सकती है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)

Back To Top