Breaking News
कृषि विभाग में अनियमितताओं के प्रकरण में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए जांच के आदेश
कृषि विभाग में अनियमितताओं के प्रकरण में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए जांच के आदेश
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्यपाल के अभिभाषण को बताया निराशाजनक और दिशाहीन
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्यपाल के अभिभाषण को बताया निराशाजनक और दिशाहीन
‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत, दूरस्थ महिलाओं को न्याय दिलाने की बड़ी पहल
‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत, दूरस्थ महिलाओं को न्याय दिलाने की बड़ी पहल
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट
इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, पांच लोगों की मौत
इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, पांच लोगों की मौत
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
आलिया भट्ट की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ का पोस्टर जारी, रिलीज डेट का भी हुआ एलान
आलिया भट्ट की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ का पोस्टर जारी, रिलीज डेट का भी हुआ एलान
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर

हरिद्वार का गंगाजल अब पीने लायक नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी चेतावनी

हरिद्वार का गंगाजल अब पीने लायक नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी चेतावनी

हरिद्वार। अगर आप हरिद्वार में रहते हैं या गंगा जल का उपयोग पीने के लिए करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार में गंगा नदी का पानी अब ‘B’ श्रेणी में पाया गया है, जो पीने के लिए असुरक्षित है। हालांकि, इस पानी से नहाने में कोई खतरा नहीं है।

बोर्ड हर महीने हरिद्वार के आसपास उत्तर प्रदेश की सीमा पर लगभग आठ स्थानों से गंगा के पानी के नमूने लेकर जांच करता है।

गंगा जल ‘B’ श्रेणी में पाया गया
नवंबर माह की जांच के दौरान गंगा का पानी ‘B’ कैटगरी में आया, जो यह दर्शाता है कि पानी को कीटाणुरहित करने के बाद भी पीने के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। पानी को गुणवत्ता के आधार पर पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें ‘A’ श्रेणी सबसे साफ और पीने योग्य होती है, जबकि ‘E’ सबसे अधिक प्रदूषित मानी जाती है।

क्या बोले अधिकारी?
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पानी की गुणवत्ता चार मापदंडों – पीएच, घुलित ऑक्सीजन, जैविक ऑक्सीजन और कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया – के आधार पर जांची जाती है। हरिद्वार का गंगा जल नहाने के लिए उपयुक्त है, लेकिन पीने के लिए नहीं।

पुजारी ने जताई चिंता
स्थानीय पुजारी उज्ज्वल पंडित ने गंगा जल में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गंगा की शुद्धता मानव मल के कारण प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा, “गंगा जल से नहाने से शरीर की बीमारियां दूर होती हैं। लेकिन वर्तमान प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।”

नदियों में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय
गंगा ही नहीं, देश की अन्य नदियां भी प्रदूषण से प्रभावित हो रही हैं। 1 दिसंबर को दिल्ली की यमुना नदी में जहरीले झाग की मोटी परत देखी गई, जिससे स्वास्थ्य पर संभावित खतरों को लेकर चिंता और बढ़ गई।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top