Breaking News
​भौगोलिक बाधाओं के कारण कोई भी पीड़ित महिला न्याय की मुख्यधारा से वंचित न रहे- कुसुम कंडवाल
​भौगोलिक बाधाओं के कारण कोई भी पीड़ित महिला न्याय की मुख्यधारा से वंचित न रहे- कुसुम कंडवाल
चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू
चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू
पशुलोक बैराज के निकट टापू पर फंसे युवक को एसडीआरएफ ने किया सकुशल रेस्क्यू
पशुलोक बैराज के निकट टापू पर फंसे युवक को एसडीआरएफ ने किया सकुशल रेस्क्यू
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में बनाई जगह
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में बनाई जगह
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यावसायिक निर्माण सील
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यावसायिक निर्माण सील
आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा
आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा
17 लाख से अधिक मरीजों ने कराया आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार- डाॅ. धन सिंह रावत
17 लाख से अधिक मरीजों ने कराया आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार- डाॅ. धन सिंह रावत
देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था का एसएसपी ने लिया जायजा, प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण
देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था का एसएसपी ने लिया जायजा, प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण
बिना सिम और इंटरनेट के मोबाइल-टीवी पर दिखेंगी फिल्में, ग्राफिक एरा और फ्रीस्ट्रीम के बीच एमओयू
बिना सिम और इंटरनेट के मोबाइल-टीवी पर दिखेंगी फिल्में, ग्राफिक एरा और फ्रीस्ट्रीम के बीच एमओयू

‘वोट चोर’ बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा- “साक्ष्य हो तो हलफनामे के साथ पेश करें,

‘वोट चोर’ बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा- “साक्ष्य हो तो हलफनामे के साथ पेश करें,

आयोग बोला—‘वोट चोर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना करोड़ों मतदाताओं का अपमान है

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विपक्षी नेताओं के हालिया आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि बिना ठोस सबूत के लगाए गए आरोप स्वीकार्य नहीं हैं। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं का नाम लिए बिना आयोग ने कहा कि अगर किसी के पास दोहरी वोटिंग या चुनावी गड़बड़ी का कोई प्रमाण है, तो उसे लिखित शिकायत और हलफनामे के साथ पेश करें, ताकि कार्रवाई हो सके।

आयोग ने याद दिलाया कि “एक व्यक्ति, एक वोट” का सिद्धांत 1951-52 में हुए पहले आम चुनाव से लागू है। बिना साक्ष्य के मतदाताओं को ‘चोर’ बताने या ‘वोट चोर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना न सिर्फ करोड़ों मतदाताओं का अपमान है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जुटे लाखों कर्मियों की निष्ठा और ईमानदारी पर भी सीधा हमला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top