Breaking News
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव
‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
नितिन नबीन के कुमाऊं दौरे को लेकर तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
नितिन नबीन के कुमाऊं दौरे को लेकर तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
जर्जर भवनों का होगा सर्वे, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जर्जर भवनों का होगा सर्वे, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट

भारत अपने हिस्से का पानी राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्यों के खेतों तक पहुंचाएगा- गृह मंत्री अमित शाह

भारत अपने हिस्से का पानी राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्यों के खेतों तक पहुंचाएगा- गृह मंत्री अमित शाह

सिंधु जल संधि पर भारत का निर्णायक रुख, पाकिस्तान को अब नहीं मिलेगा पानी

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए सिंधु जल संधि पर दोटूक रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान की हरकतों के चलते अब इस ऐतिहासिक संधि की बहाली संभव नहीं है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति और शांति प्रयासों की अनदेखी को देखते हुए भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपने अधिकार क्षेत्र के पानी को अब पूरी तरह उपयोग करेगा और यह जल अब राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्यों के खेतों तक पहुंचेगा। शाह ने बताया कि केंद्र सरकार इस उद्देश्य से विशेष नहर परियोजना पर काम शुरू कर रही है।

पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने इसे सीधे तौर पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंक करार दिया था। शाह ने कहा कि यह हमला कश्मीर में अमन को बाधित करने की साजिश थी, लेकिन घाटी की जनता ने आतंक के खिलाफ एकजुट होकर जवाब दिया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर जवाबी हमले भी किए।

साल 1960 की सिंधु जल संधि के तहत भारत की सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों का 80 फीसदी पानी पाकिस्तान को जाता रहा है, लेकिन अब भारत ने इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए साफ कर दिया है कि आतंक के साए में यह समझौता नहीं चल सकता।

शाह ने दोहराया कि आतंक और वार्ता एक साथ नहीं चल सकतीं। भारत ने अपने निर्णय से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब रणनीतिक संसाधनों को भी राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में इस्तेमाल करेगा। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ भी कहे, लेकिन भारत की नीति अब निर्णायक है—जो केवल जवाब नहीं, स्थायी हल की ओर बढ़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top