Breaking News
मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में पुल-सुरंग परियोजना एवं संगम लाइब्रेरी का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में पुल-सुरंग परियोजना एवं संगम लाइब्रेरी का किया अवलोकन
सार्वजनिक रूप से माफी मांगें खड़गे- गणेश जोशी
सार्वजनिक रूप से माफी मांगें खड़गे- गणेश जोशी
मुख्यमंत्री धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
विधानसभा सत्र–2026 के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियां पूर्ण
विधानसभा सत्र–2026 के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियां पूर्ण
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर किया नमन, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर किया नमन, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
‘जेलर 2’ ने मचाया धमाल, ‘उड़ता तीर’ की कमाई में उछाल, जानिए बाकी फिल्मों का क्या रहा हाल?
‘जेलर 2’ ने मचाया धमाल, ‘उड़ता तीर’ की कमाई में उछाल, जानिए बाकी फिल्मों का क्या रहा हाल?
अहमदाबाद में 2029 में होगी भारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप, भारत पहली बार करेगा मेजबानी
अहमदाबाद में 2029 में होगी भारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप, भारत पहली बार करेगा मेजबानी
चेहरा टेढ़ा होना और बोलने में लड़खड़ाहट हो सकते हैं ब्रेन स्ट्रोक के संकेत, जानें बचाव के तरीके
चेहरा टेढ़ा होना और बोलने में लड़खड़ाहट हो सकते हैं ब्रेन स्ट्रोक के संकेत, जानें बचाव के तरीके
एनएच-109 पर कैंटर ने स्कूटी को मारी टक्कर, दो युवकों की दर्दनाक मौत
एनएच-109 पर कैंटर ने स्कूटी को मारी टक्कर, दो युवकों की दर्दनाक मौत

ओपिनियन और एग्जिट पोल सब गलत साबित हुए

ओपिनियन और एग्जिट पोल सब गलत साबित हुए

हरिशंकर व्यास
सोशल मीडिया में लगभग सन्नाटा है। यूट्यूब चैनल्स पर भी कोई खास शोर-शराबा नहीं है। मीडिया समूहों ने अपने चैनलों पर झारखंड विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान के बाद ओपिनियन पोल्स प्रसारित किए लेकिन किसी ने उन पर ध्यान नहीं दिया और न किसी ने उनको गंभीरता से लिया। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के आधार पर कोई भी पार्टी जीत का दावा भी नहीं कर रही है। मीडिया समूह खुद ही अपने सर्वेक्षण को लेकर भरोसे में नहीं हैं। सबसे दिलचस्प यह है कि लोकसभा चुनाव के समय तक जो ओपिनियन और एक्जिट पोल में जो बड़े नाम माने जाते थे वे तस्वीर से बाहर हो गए हैं। असल में लोकसभा चुनाव और उसके बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव ने तमाम सर्वे एजेंसियों, मीडिया समूहों, सोशल मीडिया के योद्धाओं और यूट्यूब चैनल्स के पक्षपाती व अपेक्षाकृत निष्पक्ष पत्रकारों को भी गलत साबित कर दिया। किसी को समझ में नहीं आया कि आखिर क्या हुआ।

चार महीने में दूसरी बार ज्यादातर मीडिया समूह, सर्वे एजेंसियां और सोशल मीडिया के राजनीतिक विश्लेषक गलत साबित हुए। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में ज्यादातर मीडिया समूहों और सर्वे एजेंसियों ने भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की थी। कई समूह तो ऐसे थे, जिन्होंने एक्जिट पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अबकी बार चार सौ पार’ के नारे को साकार होता देखा था। भाजपा को तीन सौ से चार या उससे भी ज्यादा सीटें मिलने की भविष्यवाणी की जा रही थी। हालांकि ‘नया इंडिया’ के इसी ‘गपशप’ कॉलम में चार जून के नतीजों से ठीक पहले वाले शनिवार यानी एक जून को संभावित नतीजों की टेबल छपी थी, जिसमें भाजपा को 235 सीटें  मिलने का अनुमान लगाया गया था।

ओपिनियन और एक्जिट पोल सब गलत साबित हुए। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने 204 सीटें जीत ली और भाजपा 240 सीट पर रह गई। उसके बाद हुए हरियाणा और जम्मू कश्मीर के चुनाव में तमाम सर्वे एजेंसियों और मीडिया समूहों ने सावधानी बरती। फिर भी सब गलत साबित हुए। लगभग सभी सर्वेक्षणों में कांग्रेस को जीतते हुए दिखाया गया था। लेकिन सारी अटकलों को गलत साबित करते हुए भाजपा तीसरी बार जीत गई। उसके बाद दो तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक प्रतिक्रिया में कांग्रेस पर जोरदार हमला हुआ। राहुल गांधी के करीबी नेताओं पर टिकट बेचने और 10 तरह की गड़बड़ी के आरोप लगे। दूसरी प्रतिक्रिया ईवीएम के जरिए भाजपा के जीत जाने की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top