Breaking News
आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 44.75 करोड़ की संपत्तियां जब्त
आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 44.75 करोड़ की संपत्तियां जब्त
उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने कि दिशा में आउट ऑफ़ टर्न जॉब होगा मील का पत्थर साबित- रेखा आर्या
उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने कि दिशा में आउट ऑफ़ टर्न जॉब होगा मील का पत्थर साबित- रेखा आर्या
नितिन नवीन के बयान पर गणेश गोदियाल का पलटवार, बोले- भाजपा को कांग्रेस को ज्ञान देने का अधिकार नहीं
नितिन नवीन के बयान पर गणेश गोदियाल का पलटवार, बोले- भाजपा को कांग्रेस को ज्ञान देने का अधिकार नहीं
पेट रोज साफ नहीं होता? कब्ज समझकर न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
पेट रोज साफ नहीं होता? कब्ज समझकर न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
13 सितंबर को देहरादून में होंगी सीडीएस, एनडीए एवं एनए की परीक्षाएं
13 सितंबर को देहरादून में होंगी सीडीएस, एनडीए एवं एनए की परीक्षाएं
देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन
देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन
ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री
ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ का ट्रेलर हुआ जारी, जानिये कब और कहां देख सकेंगे वेब सीरीज
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ का ट्रेलर हुआ जारी, जानिये कब और कहां देख सकेंगे वेब सीरीज
ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात
ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात

मेंटल हेल्थ के लिए वर्क फ्रॉम होम से ज्यादा बेहतर है वर्क फ्रॉम ऑफिस, जानिए क्या कहती है स्टडी

मेंटल हेल्थ के लिए वर्क फ्रॉम होम से ज्यादा बेहतर है वर्क फ्रॉम ऑफिस, जानिए क्या कहती है स्टडी

कोरोना महामारी के दौरान दुनिया भर में लोगों ने बाहर जाकर काम करने की बजाय घर से ही काम किया । उस दौर में वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ा और लोगों को इससे फायदा भी हुआ. इतने दिनों बाद भी कई कंपनियां हैं जो अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का ऑप्शन दे रही हैं । लेकिन लंबे समय तक वर्क फ्रॉम होम करने से लोगों की मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ा है. हाल ही में कराई गई एक स्टडी में पता चला है कि मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने में वर्क फ्रॉम होम की जगह वर्क फ्रॉम ऑफिस ज्यादा बेहतर है ।

हाल ही में ग्लोबल स्तर पर कराई गई एक स्टडी में कहा गया है कि भारत में ऑफिस में काम करने वाले इम्पलॉयी की मेंटल हेल्थ घर से काम करने वालों की अपेक्षा अच्छी रहती है । इसमें कहा गया है कि यूरोप और अमेरिका के उलट भारत में दफ्तर से काम करने वालों को मानसिक सुकून मिलता है । यहां दफ्तर से काम करने वाले लोग घर से काम करने वाले या हाईब्रिड माहौल में काम करने वालों की अपेक्षा कम तनाव में रहते हैं ।

यूरोप और अमेरिका की बात करें तो स्टडी कहती है कि इन जगहों पर हाइब्रिड माहौल में काम करने वाले लोगों की मेंटल हेल्थ की अच्छी ग्रोथ होती है. अमेरिका में सेपियंस लैब में वर्क कल्चर एंड मेंटल वेलबीइंग द्वारा ये स्टडी करवाई गई थी. इस स्टडी के तहत करीब 55 हजार कर्मचारियों को इस रिसर्च में शामिल किया गया ।

इस स्टडी में पाया गया कि अकेले काम करने वालों की अपेक्षा टीम में काम करने वाले लोगों की मेंटल हेल्थ ज्यादा अच्छी थी. वहीं दूसरी तरफ टीम के आकार और मेंटल हेल्थ में ग्रोथ की बात करें तो इस मामले में  दूसरे देश भारत से ज्यादा बेहतर हैं. इस स्टडी में कोशेंट नामक नजरिए को एड किया गया ।

आपको बता दें कि वर्क लाइफ को बेहतर करने वाले पहलुओं में टीम भावना, प्रेशर,  स्ट्रेस, कंपटीशन, टॉक्सिक एनवायरमेंट, आपसी रिलेशनशिप, अपने काम के प्रति गर्व महसूस करना, लैंगिक भेदभाव, काम के प्रति रुचि आदि पहलू शामिल हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top