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इन लोगों को क्यों नहीं पीना चाहिए हल्दी वाला दूध? आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

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भारतीय घरों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाने वाला हल्दी वाला दूध, जिसे “गोल्डन मिल्क” भी कहा जाता है, सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। बदलते मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर सर्दी-जुकाम में राहत देने तक, इसके कई लाभ बताए जाते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए इसका सेवन सुरक्षित नहीं होता और कुछ स्थितियों में यह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है। यही वजह है कि सर्दियों और संक्रमण के मौसम में इसे खासतौर पर पीने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा हल्दी वाला दूध गले की खराश, खांसी और जुकाम में राहत देता है और शरीर में सूजन कम करने में भी सहायक होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह पेय चोट या वर्कआउट के बाद मांसपेशियों की रिकवरी में भी मदद कर सकता है। इसकी गर्म तासीर शरीर को अंदर से आराम देती है और बेहतर नींद लाने में भी सहायक मानी जाती है।

हालांकि, कुछ लोगों को इसका सेवन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी या अपच रहती है, उनके लिए यह परेशानी बढ़ा सकता है। वहीं, जो लोग खून पतला करने वाली दवाइयां ले रहे हैं, उन्हें इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि हल्दी खून को और पतला कर सकती है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह जरूरी है कि वे सावधानी बरतें, क्योंकि हल्दी ब्लड शुगर स्तर को कम कर सकती है। इसके अलावा किडनी स्टोन के मरीजों को अधिक मात्रा में इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद ऑक्सलेट स्टोन बनने के खतरे को बढ़ा सकता है।

गर्भवती महिलाओं को भी बिना चिकित्सकीय सलाह के हल्दी वाला दूध अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इससे हार्मोनल संतुलन पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हल्दी वाला दूध सेहत के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे अपनी स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत के अनुसार ही सेवन करना चाहिए। यदि आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं या नियमित दवाइयां ले रहे हैं, तो इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना बेहतर रहेगा।

(साभार)

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