Breaking News
बदलते शैक्षिक परिदृश्य में सकारात्मक दृष्टिकोण और नवाचार के साथ कार्य करें अधिकारी: अपर निदेशक गढ़वाल
बदलते शैक्षिक परिदृश्य में सकारात्मक दृष्टिकोण और नवाचार के साथ कार्य करें अधिकारी: अपर निदेशक गढ़वाल
पल्टन बाजार में सुबह 11 से शाम 7 बजे तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
पल्टन बाजार में सुबह 11 से शाम 7 बजे तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
इम्युनिटी मजबूत करने के लिए सिर्फ विटामिन C और D नहीं, इन पोषक तत्वों का सेवन भी है जरूरी
इम्युनिटी मजबूत करने के लिए सिर्फ विटामिन C और D नहीं, इन पोषक तत्वों का सेवन भी है जरूरी
पुतिन का यूरोप पर तीखा हमला, बोले- रूस को हराने का सपना छोड़ दें देश, यूक्रेन युद्ध पर बातचीत के संकेत
पुतिन का यूरोप पर तीखा हमला, बोले- रूस को हराने का सपना छोड़ दें देश, यूक्रेन युद्ध पर बातचीत के संकेत
भारत-जिम्बाब्वे महिला वनडे सीरीज का आगाज आज से, जानें कब और कहां देख सकेंगे लाइव मुकाबला
भारत-जिम्बाब्वे महिला वनडे सीरीज का आगाज आज से, जानें कब और कहां देख सकेंगे लाइव मुकाबला
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का जलवा बरकरार, ‘रणबाली’ की कमाई में आई गिरावट, जानें बाकी फिल्मों का हाल
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का जलवा बरकरार, ‘रणबाली’ की कमाई में आई गिरावट, जानें बाकी फिल्मों का हाल
उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम, पहाड़ों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार
उत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम, पहाड़ों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई

कंप्यूटर, मोबाइल की ब्लू लाइट का खतरा- समय से पहले ही कर सकता है आपको बूढा

कंप्यूटर, मोबाइल की ब्लू लाइट का खतरा- समय से पहले ही कर सकता है आपको बूढा

आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में मोबाइल और कंप्यूटर हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन क्लास या फिर दोस्तों से बातचीत—हर जगह स्क्रीन हमारे साथ रहती है। लेकिन यह सुविधा धीरे-धीरे हमारे स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। खासकर गैजेट्स से निकलने वाली नीली रोशनी (ब्लू लाइट) हमारी आंखों, दिमाग और त्वचा पर गहरा असर डाल रही है।

कई शोध बताते हैं कि लंबे समय तक स्क्रीन पर नज़रें गड़ाए रखने से न सिर्फ नींद खराब होती है, बल्कि यह समय से पहले बुढ़ापा (Premature Ageing) भी ला सकती है। लगातार ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से थकान, हार्मोनल असंतुलन, त्वचा पर झुर्रियां और यहां तक कि मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग घंटों कमरे या ऑफिस के अंदर काम करते हैं और बाहर धूप या प्राकृतिक रोशनी से दूर रहते हैं, उनके शरीर में विटामिन-डी की कमी और मोटापे जैसी परेशानियां जल्दी सामने आती हैं। अगर इसके साथ ब्लू लाइट का असर जुड़ जाए तो स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ जाते हैं।

अमेरिका की ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि लगातार ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से शरीर की जैविक घड़ी (Biological Clock) प्रभावित होती है। यह न सिर्फ नींद और ऊर्जा स्तर बिगाड़ती है, बल्कि कोशिकाओं की कार्यक्षमता भी कम करती है। पशुओं पर हुए इस रिसर्च में स्पष्ट हुआ कि ब्लू लाइट ने उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर दिया और मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाया।

नींद पर असर, मोटापे का खतरा और त्वचा की चमक खोना—ये सब ब्लू लाइट की वजह से होने वाले दुष्प्रभाव हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक स्क्रीन से निकलने वाली यह रोशनी त्वचा पर झुर्रियां, दाग-धब्बे और समय से पहले बुढ़ापा लाने में अहम भूमिका निभाती है।

अगर आप भी दिनभर मोबाइल और लैपटॉप में डूबे रहते हैं, तो अब वक्त आ गया है कि सावधान हो जाएं और स्क्रीन टाइम को कम करें। प्राकृतिक रोशनी और बाहर की ताज़ी हवा आपके स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए बेहद जरूरी है।

(साभार)

Back To Top