Breaking News
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त 02 नशा तस्करों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त 02 नशा तस्करों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई
दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई
फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह पर STF का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार
फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह पर STF का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि
‘अब होगा हिसाब’ का ट्रेलर रिलीज, जानिए कब और कहां देख सकेंगे सीरीज
‘अब होगा हिसाब’ का ट्रेलर रिलीज, जानिए कब और कहां देख सकेंगे सीरीज
वीकेंड पर मसूरी-ऋषिकेश जाने वालों के लिए देहरादून पुलिस ने लागू किया खास ट्रैफिक प्लान
वीकेंड पर मसूरी-ऋषिकेश जाने वालों के लिए देहरादून पुलिस ने लागू किया खास ट्रैफिक प्लान
राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने जसपाल राणा के निधन पर जताया शोक
राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने जसपाल राणा के निधन पर जताया शोक

सीपी राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति

सीपी राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति

एनडीए उम्मीदवार ने विपक्षी बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से दी मात

नई दिल्ली। भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने चुनाव में जीत दर्ज कर ली। उन्होंने विपक्षी गठबंधन इंडिया के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हराया। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी 300 वोटों पर सिमट गए। अब राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगे। यह पद जुलाई से खाली पड़ा था, जब पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था।

उपराष्ट्रपति का पद भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में बेहद अहम माना जाता है। यह देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है, लेकिन नए उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक वे पद पर बने रहते हैं।

संविधान में यह स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि यदि किसी कारण (जैसे इस्तीफा, मृत्यु) से कार्यकाल समाप्त होने से पहले पद रिक्त हो जाए या उपराष्ट्रपति अस्थायी रूप से राष्ट्रपति का कार्यभार संभालें, तो उनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन कौन करेगा।

नई जिम्मेदारियों के साथ सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद से जुड़ी कई सुविधाएँ और वेतन-भत्ते भी मिलेंगे। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं, इसलिए उनकी भूमिका केवल औपचारिक नहीं बल्कि संसदीय कार्यप्रणाली को दिशा देने वाली होती है।

Back To Top